यूसुफ पठान को टी20 टैग हटने की उम्मीद
प्रकाश एटीपी चैलेंजर एकल से बाहर
आज भी याद आते है विजय के वह पल लीवरपूल को खरीदने की होड़ में अंबानी और सुब्रत राय
नक्सली हिंसा छोड़ें तो किसी भी मुद्दे पर वार्ता संभव:चिदम्बरम टीम इंडिया को खली भरोसेमंद राहुल द्रविड़ की कमी बारिश हो या गर्मी, छतरी के बिना मजा नहीं आता शनि के चांद पर जीवन की सम्भावना गडकरी की औपचारिकता पूरी, जताई जीत की उम्मीद भारत हार के कगार पर, तेंदुलकर का 46वां शतक
अन्य फोटो
शनिवार, 5 सितंबर, 2009 को काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर के दो भारतीय पुजारियों को सुरक्षित निकालती नेपाल पुलिस।
काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर के दो भारतीय पुजारियों पर माओवादियों के हमले की भारत ने शनिवार को निंदा की। नेपाल के सांस्कृतिक मंत्री ने इस घटना पर पुजारियों से माफी मांगी है।
विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने बेंगलुरू में संवाददाताओं से कहा कि हम माओवादियों द्वारा पुजारियों पर किए गए हमले से अवगत हैं और नेपाल सरकार के संपर्क में हैं।
उन्होंने बताया कि हमें सूचना मिली है कि मंदिर के चारों ओर सुरक्षा कड़ी की गई है और हमले के शिकार दोनों पुजरियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई गई है।
नई दिल्ली में आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि काठमांडू में भारतीय राजदूत राकेश सूद ने यह मुद्दा नेपाल सरकार के समक्ष उठाया।
उल्लेखनीय है कि लोहे की छड़ों से लैस माओवादियों के एक समूह ने शुक्रवार को भारतीय पुजरियों पर हमला किया था। हमलावरों ने उनके कपड़े फाड़ डाले थे और उनके पवित्र जनेऊ भी तोड़ दिए थे।
पशुपतिनाथ मंदिर में केवल दक्षिण भारत से ही पुजरी बनाने की 8क्क् वर्ष पुरानी परंपरा के तहत नियुक्त गिरीश भट्ट और राघवेंद्र भट्ट इस महीने कर्नाटक से काठमांडू गए थे।

ई-मेल

लिखे (0)






