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माओवादियों से निपटने के लिए अलग रणनीति: चिदंबरम
गुडगांव, एजेंसी
First Published:08-02-12 02:28 PM
गृह मंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को कहा कि नियमित लडाका सेना के रूप में संगठित हो चुके माओवादियों से निपटने के लिए केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को अलग तरह की रणनीति बनानी चाहिए और नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी हासिल होना आवश्यक है।
चिदंबरम ने यहां सीआरपीएफ के खुफिया प्रशिक्षण स्कूल का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। यह स्कूल सीआरपीएफ के अधिकारियों और कादरपुर स्थित इस केन्द्रीय बल की अकादमी के कर्मियों के लिए है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए अलग तरह की रणनीति और नजरिये की जरूरत है। भाकपा-माओवादी नियमित लडाका सेना के रूप में संगठित हो चुकी है।
चिदंबरम ने कहा कि इससे सीआरपीएफ के सामने नई तरह की जरूरतें सामने आयी हैं। कार्रवाई करने के लिए खुफिया जानकारी आवश्यक है। समुदाय के लोगों के साथ मिलकर जनता के मन में विश्वास की भावना पैदा करनी होगी। जनता का समर्थन हासिल करने के लिए विकास कार्यक्रमों को भी आगे बढाना चाहिए।
सीआरपीएफ के 70 हजार से अधिक जवान नक्सल विरोधी अभियान में विभिन्न राज्यों में तैनात हैं। केन्द्रीय बल के महानिदेशक के विजय कुमार ने कहा कि यह नया स्कूल हमारे लिए विशेष है क्योंकि यह अभियान एवं कार्रवाई से जुडी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होगा।
चिदंबरम ने यहां सीआरपीएफ के खुफिया प्रशिक्षण स्कूल का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। यह स्कूल सीआरपीएफ के अधिकारियों और कादरपुर स्थित इस केन्द्रीय बल की अकादमी के कर्मियों के लिए है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए अलग तरह की रणनीति और नजरिये की जरूरत है। भाकपा-माओवादी नियमित लडाका सेना के रूप में संगठित हो चुकी है।
चिदंबरम ने कहा कि इससे सीआरपीएफ के सामने नई तरह की जरूरतें सामने आयी हैं। कार्रवाई करने के लिए खुफिया जानकारी आवश्यक है। समुदाय के लोगों के साथ मिलकर जनता के मन में विश्वास की भावना पैदा करनी होगी। जनता का समर्थन हासिल करने के लिए विकास कार्यक्रमों को भी आगे बढाना चाहिए।
सीआरपीएफ के 70 हजार से अधिक जवान नक्सल विरोधी अभियान में विभिन्न राज्यों में तैनात हैं। केन्द्रीय बल के महानिदेशक के विजय कुमार ने कहा कि यह नया स्कूल हमारे लिए विशेष है क्योंकि यह अभियान एवं कार्रवाई से जुडी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होगा।
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