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SIT ने गुजरात दंगों की अंतिम रिपोर्ट सौंपी
अहमदाबाद, एजेंसी
First Published:09-02-12 01:03 AM
Last Updated:09-02-12 09:55 AM
वर्ष 2002 में गुजरात में गोधरा ट्रेन नरसंहार के बाद हुए दंगों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बुधवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट एक स्थानीय अदालत में दाखिल कर दी। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि क्या एसआईटी ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मामले बंद कर दिये हैं।
कुछ टेलीविजन चैनलों ने रात को खबर दी है कि मोदी को एसआईटी की रिपोर्ट में राहत मिली है। खबरों में कहा गया कि एसआईटी को दंगों को लेकर मोदी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला हैं, हालांकि जकिया जाफरी ने मुख्यमंत्री और 62 अन्य खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मीडिया की इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले पर एसआईटी के किसी अधिकारी की भी टिप्पणी नहीं मिल पाई है।
जकिया पूर्व कांग्रेसी सांसद अहसन जाफरी की पत्नी हैं। जाफरी भी 2002 में गुलमर्ग सोसायटी में हुए दंगे में मारे गए थे। उस वक्त गुलमर्ग सोसायटी में 69 लोगों की मौत हुई हुई थी। राज्य में 2002 में हुए सांप्रदायिक दंगों में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे।
अदालत के सूत्रों ने बताया कि एसआईटी के अधिकारियों ने एक सीलबंद लिफाफे में मजिस्ट्रेटी अदालत को अंतिम रिपोर्ट सौंपी। इसका आदेश सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिया गया था। एसआईटी का गठन भी न्यायालय ने किया था। अब मजिस्ट्रेट इस रिपोर्ट पर विचार करेंगे। यह रिपोर्ट उस दिन सौंपी गई है, जब गुजरात हाईकोर्ट ने मोदी सरकार को दंगों के दौरान निष्क्रियता और लापरवाही के लिए फटकार लगाई।
हाईकोर्ट ने कहा कि उस वक्त राज्य सरकार की निष्क्रियता और लापरवाही के चलते स्थिति अराजक हो गई थी और कई दिनों तक यह स्थिति बरकरार रही थी। जकिया जाफरी दंगों के लिए मोदी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराती रही हैं।
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टिप्पणियाँ
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जब किसी मामलॆ की जाच 2 , 3 बार हॊ चुकी हॊ उसॆ बिना सारहीन तथ्यॊ कॆ आधार पर जनहित याचिका लगातॆ है वह गलत है ऒर बार बार जनहित कॆ लियॆ याचिका दायर कर कॊर्ट ऒर दॆश का धन बर्बाद करतॆ है उनकॆ खिलाफ कॊर्ट कॊ भारी जुर्माना लगाना
By dn shastri (9th-February-2012 02:14:PM)
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