प्रख्यात कथाकार अमरकांत को व्यास सम्मान सचिन-सौरभ के समां से थमा दिल्ली का विजय रथ
योग गुरु स्वामी रामदेव ने मायावती को आड़े हाथों लिया स्वर्णिम प्रदर्शन से मिलेगी राष्ट्रमंडल खेलों में प्रेरणाः संधू
यौन क्रिया में खपने वाली कैलोरी को माप लेगा आई-फोन वीडियोकॉन ने नौ और मोबाइल हैंडसेट पेश किए रायल्स के खिलाफ बेंगलूर का पलड़ा भारी बैंकिंग में उतरने का फैसला एलआईसी करेगी: वित्त मंत्रालय थ्रीजी स्पेक्ट्रम बोली प्रक्रिया पर रोक नहीं: हाई कोर्ट बच्चों का यौन शोषण चर्च तक सीमित नहीं: मर्केल
अन्य फोटो
अमेरिका में कच्चे तेल की मांग घटने की आशंका से शुक्रवार को एशियाई बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 77 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं।
अमेरिका में कच्चे तेल की मांग घटने की आशंका से शुक्रवार को एशियाई बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 77 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं।
न्यूयार्क मर्चेंटाइल एक्सचेंज में कच्चे तेल का दिसंबर अनुबंध 15 सेंट की गिरावट के साथ 76.79 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। गुरुवार को यह अनुबंध 2.34 डॉलर प्रति बैरल की तेजी के साथ 76.94 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था।
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन ने गुरुवार को जारी साप्ताहिक रिपोर्ट में कहा कि कच्चे तेल के इन्वेंट्री स्टॉक में 180 लाख बैरल और पेट्रोल के भंडार में 250 बैरल की वृद्धि हुई है। इससे वहां कच्चे तेल की मांग नरम रहने की उम्मीद है। पिछले सप्ताह कच्चे तेल की कीमतें 76 डॉलर प्रति बैरल और 82 डॉलर प्रति बैरल के बीच घटती बढ़ती रही।
सिंगापुर के हड़सन कैपिटल एनर्जी के कारोबारी क्लेरेंस चु ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि जब तक अर्थव्यवस्था में सुधार नहीं होता और नौकरियां नहीं बढ़ती तब तक कच्चे तेल की मांग में इजाफा नहीं होगा।

ई-मेल

लिखे (0)






