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भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की समीक्षा 27 अक्तूबर को करेगा और विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा हालांकि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में वृद्धि की जा सकती है ताकि मुद्रास्फीतिक दबाव से निपटा जा सके।
मूडीज की इकनामी डाट काम ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अपने दोनों नीतिगत दरों में किसी तरह की बढोतरी की अपेक्षा नहीं है। इसमें कहा गया है कि केंद्रीय बैंक सीआरआर में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि कर सकता है ताकि बाजार में यह संकेत जाए कि वह कड़ा रवैया अपना रहा है। सीआरआर जमाओं का वह हिस्सा होता है जो बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक के पास रखना होता है।
अनुसंधान संस्थान ईकनामिस्ट इंटेलीजेंस यूनिट के अनुसंधान निदेशक मनोज वोहरा ने कहा कि केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीति में प्रमुख दरों में बढोतरी नहीं करेगा हालांकि वह सीआरआर में .25-.50 प्रतिशत की बढोतरी कर सकता है। वोहरा ने कहा कि रिजर्व बैंक को सीआरआर पर करीबी निगाह रखनी होगी। इसमें .25-.50 प्रतिशत की बढोतरी की जा सकती है।

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