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विश्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने वैश्विक आर्थिक संकट का अपनी मजबूत वित्तीय और मौद्रिक नीतियों से शानदार तरीके से मुकाबला किया है।
विश्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने वैश्विक आर्थिक संकट का अपनी मजबूत वित्तीय और मौद्रिक नीतियों से शानदार तरीके से मुकाबला किया है।
विश्व बैंक के कंट्री निदेशक राबर्ट जाघा ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने पिछले 70 वर्षों के सबसे बड़े आर्थिक संकट का शानदार तरीके से सामना किया। उन्होंने कहा कि भारत इस मामले में भाग्यशाली है कि उसका वृहद आर्थिक प्रबंधन अच्छा था।
उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट काफी बड़ा था, लेकिन भारत ने वित्तीय और मौद्रिक मोर्चे पर इसका शानदार तरीके से मुकाबला किया। साथ ही कर्ज में कमी से भी भारत बेहतर तरीके से निपटा है। जाघा ने कहा कि भारत के वैश्विक संकट से निपटने के तरीके की विश्व बैंक सराहना करता है। हम काफी प्रभावित हैं। स्थिति सरकार के हाथ में थी। 11वीं योजना मध्य अवधि का काफी अच्छा परिदृश्य पेश करती है। भारत के लिए विश्व बैंक के छोटी अवधि के लक्ष्यों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अनिवार्य रूप से यह यही होगा कि वह देश की 11वीं योजना के तहत तय प्राथमिकताओं में किस तरह की मदद कर सकता है।
जाघा ने कहा कि यदि भारत इसी तरीके से आगे बढ़ता रहा, जैसे वह बढ़ रहा है तो अगले 25 वर्षों में में यह प्रति व्यक्ति आय के मामले में औद्योगिकृत राष्ट्रों की श्रेणी में आ जाएगा। इसका मतलब यह है कि भारत को कर्ज के लिए बैंक की जरूरत नहीं रहेगी। जाघा ने कहा कि विश्व बैंक भारत में छोटा लेकिन मूल्यवान सहयोगी बन चुका है। भारत जहां एक हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर है, हम उतनी तेजी से आगे नहीं बढ़े हैं। वैश्विक मंदी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि यह पहले ही निचले स्तर पर पहुंच चुकी है, लेकिन इसमें कुछ समय लगेगा जब हम इससे बाहर निकल सकेंगे।

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